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Tuesday, March 27, 2012

यादों का वो कारवां

>>>>>>>>>> "माँ "<<<<<<<<<
दूध के गिलास  में प्यार को यूँ घोलना
       बंद मुठ्ठियों को मेरी यूँ धीरे धीरे खोलना !
                   रूठना ,दुलारना ,और फिर वो मनाना
                                 याद आता है मुझे माँ यादों का वो कारवां !!

Monday, March 26, 2012

माँ,

>>>>>>>>>>> " माँ "<<<<<<<<<<
जब थक जाएँ हैं   कदम  उठती है हूक
जब भर आतें हैं नयन   जुबान होती है मूक !
रिश्तों की भीड़ से  नहीं मिटती अब भूख
अब आ भी जाओ माँ,  आ जाओ ना !!

Sunday, March 18, 2012

"माँ तू सारे जग की है "





>------ "माँ तू सारे जग की है "-----<
जीवन का आधार है ,दुनिया का श्रेष्ठ उपहार है ,
खुदा खुद भी रोया था जिसके लिए,हर जीव की जीवन धार है 
,नहीं है जिसका कोई विकल्प रंग नहीं ,रूप नहीं बस प्यार है,
जात -पात ,रंग-रूप नहीं ,अपना -पराये का नहीं कभी भेद
इंसान तो क्या ,पशु -पक्षी भी करते जिसका स्तवन
वह औरनहीं कोइ बस तू ही है ,तू ही है ऐ माँ .. ओ माँ ,सबकी प्यारी माँ
(सत्य ....शर्मा .)